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काली मिर्च के फायदे और आयुर्वेदिक गुण ( Kali Mirch Ke Fayde )

काली मिर्च के फायदे और आयुर्वेदिक गुणों की बात की जाए तो काली मिर्च एक बहुत ही अच्छा मसाला है और एक बहुत ही अच्छी आयुर्वेदिक दवा भी है | काली मिर्च के फायदे में अनगिनत फायदे हैं जो कि इसको एक विशेष तरह की जड़ी बूटी मानदेय में सहायक भी है | काली मिर्च अपने तीखे स्वाद के कारण का ही लोकप्रिया होती है | तो आइए बात करते हैं काली मिर्च के फायदे और आयुर्वेदिक गुणों के बारे में |

 

अगर काली मिर्च की बात की जाए तो यह कई खनिज और विटामिन से भरपूर पाई जाती है | इन सभी से होने वाले हमें शारीरिक फायदों को काली मिर्च के फायदे में काफी अव्वल माना जाता है | काली मिर्च में विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन के, विटामिन सी, और विटामिन बी सिक्स मौजूद होते हैं | इन सभी विटामिन हो की मौजूदगी से काली मिर्च हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद होती है | और यह बात करते हैं काली मिर्च के फायदे के बारे में |

 

काली मिर्च एक प्राकृतिक आयुर्वेदिक दवाई है | हम काली मिर्च को मसाला और दवा दोनों ही रूपों में प्रयोग कर सकते हैं | जब भी हमें हमारे भोजन की स्वादिष्ट को बढ़ाना होता है तब हम इन मसालों का प्रयोग करते हैं | काली मिर्च में मौजूद पिपरीने इसके तीखे स्वाद का कारण होता है | काली मिर्च पूर्णता रूप से केरला में भारत में पाई जाती है | काली मिर्च का दुनिया में सबसे व्यापक रूप से ही व्यापार होता आ रहा है | काली मिर्च का पौधा कोई मौसमी पौधा नहीं है हम इसे किसी भी मौसम में प्रयोग कर सकते हैं | काली मिर्च एक ऐसा मसाला है जो हर घर की रसोई में आसानी से उपलब्ध मिलता है | और यह भोजन को स्वादिष्ट बनाने के साथ-साथ हमारे स्वास्थ्य का भी काफी ख्याल रखती है | ( Kali Mirch Ke Fayde )

 

जैसा कि हमने पहले भी बात की है कि काली मिर्च कई खनिज और विटामिन से भरपूर होती है | इसमें काफी सारे विटामिन होते हैं जिनकी हम पहले बात कर चुके हैं और उनके अलावा इसमें थाई मीन, नियासिन, सोडियम, पोटासियम, फोलेट, कोलाइन, और बेटेन भी पाया जाता है |हमारे भारत में बनने वाले हर व्यंजन में सवाद लाने के लिए काली मिर्च का उपयोग किया जाता है | स्वाद के साथ साथ  काली मिर्च के फायदे और आयुर्वेदिक गुणों को देखते हुए इसकी काफी लोकप्रियता मानी जाती है | अपने हर दिल के भोजन में एक चम्मच काली मिर्च का जरूर उपयोग करें | वजन को कम करने या फिर कम समय में घटाने के लिए अपने भोजन में काली मिर्च के पाउडर को छिड़ककर भी खा सकते हैं इससे आपको किसी प्रकार का भी नुकसान नहीं होगा और आपका वजन भी कम हो जाएगा |

 

कई बार क्या होता है कि हमारी शारीरिक त्वचा खराब होने लगती है या फिर विषैले तत्वों से भरने लगती है | ऐसे में अगर आप अपनी त्वचा से सभी विषैले तत्वों को निकाल देना चाहते हैं तो अपनी त्वचा को स्क्रब कर सकते हैं | इसमें अच्छी मात्रा में एक्सऑफओलाइट  होता है | इसलिए अगली बार से काली मिर्च को भोजन में शामिल करें और शरीर को स्वस्थ बनाए रखें |

 

काली मिर्च के फायदे और आयुर्वेदिक गुण

 

  • पाचन शक्ति बढ़ाने में

काली मिर्च स्वाद की कली का को उत्तेजित करती है और पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड के स्त्राव को भी बढ़ाती है | जो आपके बेहतर और स्वस्थ पाचन में मदद करता है | ज्यादातर लोगों को यह लगता है कि हाइड्रोक्लोरिक एसिड के ज्यादा होने से पाचन समस्याएं उत्पन्न हो सकती है | लेकिन उन लोगों को यह बात नहीं पता है कि ज्यादातर पाचन समस्याएं हाइड्रोक्लोरिक एसिड की कमी के कारण होती है ना कि उसके बढ़ने की वजह से | पाचन में सुधार करके काली मिर्च हमें और भी काफी समस्याओं से निजात दिलाती है जैसे गैस और कब्ज जैसी समस्याओं से भी हमें मुक्ति दिलाती है | काली मिर्च में काफी हद तक जीवाणु रोधी गुण भी पाए जाते हैं जो बैक्टीरिया प्रेरित आंत्र रोगों का इलाज करने में भी सहायक होती है |

  • भूख को बढ़ाने में

शायद अब तो आप लोग जान ही चुके हैं कि आपके भोजन में एक अच्छा स्वाद जोड़ने के साथ साथ काली मिर्च पाचन शक्ति और हमारे बुक को भी काफी हद तक बढ़ाती है | अनुसंधान उसे यह पता चला है कि काली मिर्च अपनी सुगंध के माध्यम से भूख को बढ़ाने में मदद करती है | फतेह जिन लोगों को कम भूख लगती है उनको भूख बढ़ाने के लिए काली मिर्च एक अच्छा और काफी सरल उपाय है | और इसके इन्हीं आयुर्वेदिक गुणों के कारण यह काफी लोकप्रियता में मानी जाती है  और यह काली मिर्च के फायदे में काफी अव्वल भी माना जाता है |

  • वजन कम करने में सहायक

हालांकि है बात तो सत्य है कि काली मिर्च बुक को बढ़ाती है परंतु फिर भी यह आपके वजन को कम करने में काफी हद तक मदद करती है | विच की बाहरी परत में फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं जो वसा कोशिकाओं को तोड़ने में मदद करते हैं | 2010 में चूहों पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार काले में शरीर में वसा संजय को रोकती है और इसके अलावा कालीमिर्च आपके चयापचय में सुधार करके कैलरीज के संबंध में काफी हद तक मदद कर सकती है |

इस सभी के अलावा काली मिर्च एक वसा रहित आहार भी है | यह एक मित्र और तक और डाई पॉलिटिक्स जड़ी बूटी होने के कारण पेशाब और पसीने को काफी हद तक बढ़ाती है जो बदले में हमारे शरीर से विषाक्त पदार्थों और अधिक पानी को बाहर निकालने में हमारी काफी मदद करता है | या फिर यूं कह लीजिए कि हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी हद तक लाभदायक माना जाता है |

  • गैस की समस्या का समाधान

जैसा कि हम बात करते जा रहे हैं कि काली मिर्च के फायदे और आयुर्वेदिक गुण चौकी काफी लाभदायक है हमारे शरीर के लिए उन्हीं के दौरान काली मिर्च का एक और फायदा है यह है हमारी गैस की समस्या का समाधान कर देती है क्योंकि  यह एक कर्मी नेटिव होती है और इसके नाचे काली मिर्च पेट में गैस को खत्म करती है | और इसी के साथ साथिया हमारे शरीर में गैस के निर्माण को रोकने में भी काफी हद तक मदद करती है |

काली मिर्च के कर्मी नेटिव औषधीय गुणों का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित में से किसी एक उपाय का पालन जरूर करें |

यदि आप का पेट सदैव गैस का शिकार बना रहता है तो मिर्च पाउडर या मैच के बजाय हमें काली मिर्च की मदद से अपने भोजन को लजीज बेमिसाल दार बनाना चाहिए | क्योंकि यह क्या इसके गठन को रोकने का सबसे सरल और बेहतर उपाय है

अनपच और पेट में भारीपन का इलाज करने के लिए काली मिर्च और जीरा पाउडर प्रत्येक का एक एक तिहाई चम्मच को एक गिलास छाछ में मिलाकर पिए | इससे आपके पेट में भारीपन का इलाज करने में आपको काफी सहायता मिलेगी |

आप गैस के दर्द को दूर करने के लिए कैरियर तेल में मिश्रित काली मिर्च के तेल के साथ अपने पेट की मालिश कर सकते हैं | इसे भी आपको काफी जल्दी राहत मिलेगी |

  • पोषण को बढ़ावा

जैसा कि हमने कभी बात की है काली मिर्च के बारे में | काली मिर्च हमारे पोषण को बढ़ाने में भी काफी हद तक मदद करती है क्योंकि काली मिर्च में पिपरीने नामकवीडियो गीत विटामिन ए और विटामिन सी, सेलेनियम, बीटा कैरोटीन जैसे अन्य पोषक तत्वों की बायो- उपलब्धता को बढ़ाता है | जिसे आप के स्मारक स्वास्थ्य में सुधार आता है | बायो- उपलब्धता आपके शरीर द्वारा अवशोषित पोषक तत्व या पूरक की मात्रा को संदर्भित करता है | करक्यूमिन जो की हल्दी में पाए जाने वाला एक योगिक है जोकि कैंसर, संक्रमण और सूजन से लड़ने में मदद करता है | शोधकर्ताओं के अनुसार काली मिर्च में पाए जाने वाला पिपरीने  योगी के करक्यूमिन की बायो उपलब्धता को 20 गुना तक बढ़ा देता है |

इसके अलावा पिपरीने हमारी आंत में अमीनो एसिड ट्रांसपोर्टर को बढ़ावा देता है | यह कोशिकाओं से पदार्थों को हटाने से रोकता है और अंतर गतिविधि को कम करता है | जिससे अधिक योगिक सक्रिय रूप में शरीर में प्रवेश करते हैं और उपयोग के लिए उपलब्ध भी रहते हैं |

  • सर्दी से राहत दिलाएं

हमने काली मिर्च के इतने सारे गुणों के बारे में बात की है | तो उनमें एक और जोड़ लीजिए की यह हमें सर्दी से भी निजात दिलाती है | क्योंकि काली मिर्च कब को कम करने में काफी हद तक सहायक होती है, काली मिर्च का उपयोग भरी हुई नाक और कंजेशन को साफ करने के लिए किया जा सकता है | काली मिर्च में रोगाणु रोधी गुण भी मौजूद होते हैं | और यही वजह है कि काली मिर्च खांसी और सर्दी जुकाम के उपचार में व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाती है |

  • कंजेशन से राहत पाने के लिए इसका उपयोग कैसे करें

यदि आप अपने श्वासन तंत्र को साफ करना चाहते हैं तो प्रतिदिन दो या तीन बार एक गिलास गुनगुने पानी में काली मिर्च का पाउडर का आधा चम्मच डालकर इसे अच्छी तरह मिलाकर पिए |

इसके अतिरिक्त आप कुछ काली मिर्च और नीलगिरी तेल के साथ मिश्रित करके गरम पानी के बर्तन में से इसकी भाप लेने का प्रयास करें |

इन सभी के साथ साथ एक और आसान उपाय है कि काली मिर्च और तिलों के तेल की कुछ बूंदों का मिश्रण बनाएं और उसे सुन ले यह चीन को प्रेरित करेगा जिससे आपका साइनस साफ हो जाएगा |

  • गठिया दर्द को कम करने के लिए

जैसा कि हम सभी जानते ही हैं कि काली मिर्च में मौजूद पिपरीने अपने एंटी- इन्फ्लेमेटरी और एंटी- गठिया गुणों के कारण, गठिया के इलाज के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है | काली मिर्च का तेल को त्वचा पर लगाने से यह तो अच्छा को गर्माहट प्रदान करता है | जो आपके रक्त परिसंचरण में काफी हद तक मदद करता है, इसका उपयोग घटिया से पीड़ित लोग दर्द से छुटकारा पाने के लिए कर सकते हैं | यह घटिया से पीड़ित लोगों के शरीर में यूरिक एसिड जैसे विषाक्त पदार्थों को हटाने में भी हमारी काफी हद तक मदद करता है, जो बहुत हानिकारक होते हैं | शोधकर्ताओं ने यह भी पाया है कि काली मिर्च और गठिया के लक्षणों की धारणा को कम करने में काली मिर्च काफी हद तक मदद करती है |

  • कैंसर से बचाव

बहुत सारे गुणों के साथ साथ काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं जो कि कैंसर से लड़ते हैं और हमारे शरीर का कैंसर से बचाव भी करते हैं | विशेषकर बृहदांत्र और ब्रेस्ट कैंसर से | मिसौरी में सैंट लुइ यूनिवर्सिटी में किए गए एक अध्ययन में यह पाया गया है कि काली मिर्च अपने महत्वपूर्ण एंटी- प्रोलीफेरेटिव गतिविधि के कारण वृद्ध अंतर कोशिका प्रसार को बाधित करने में मदद करता है और इसके अलावा इसमें निहित पॉलीफेनल सामग्री उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय रोगों के खिलाफ भी हमारे शरीर को रक्षा प्रदान करती है |

 

कुछ अध्ययनों से यह पता चला है कि काली मिर्च में मौजूद पाइपरीन कई तरह के कैंसर को होने से रोक सकती है | यह हमारी आंतों में सेलेनियम, करक्यूमिन, बीटा कैरेट इन और विटामिन बी जैसी अन्य पोषक तत्वों को अवशोषित करने में भी काफी हद तक मदद करती है जो कैंसर की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण है | और इसी के साथ यह इतना ही नहीं प्रोस्टेट कैंसर में काफी उपयोगी पाई जाने वाली केमो थेरेपी दवा में भी पाइपरीन पाया जाता है |

  • डिप्रेशन में उपयोगी

काली मिर्च के खाने के फायदे यह भी है कि यह हमें डिप्रेशन से बचाती है | काली मिर्च के फायदे और इस के आयुर्वेदिक गुणों के कारण यह है हमारे शरीर को बहुत सारी बीमारियों से बचाती है और हमें साथ-साथ ही भी प्राथम से भी निजात दिलाती है |

काली मिर्च में पिपरीने सेरोटोनिन के उत्पादन में वृद्धि करके एक एंटी डिप्रेशन के रूप में कार्य करता है | सेरोटोनिन मूड नियमन के लिए एक महत्वपूर्ण न्यूरोट्रांसमीटर है और उनका मिस्टर डिप्रेशन का एक महत्वपूर्ण कारक है | इस सभी के इलावा पिपरीने मस्तिष्क में बीटा एंडोर्फिन को बढ़ाता है जो मानसिक स्पष्टता को प्रोत्साहित करता है | एंडोर्फिन प्राकृतिक दर्द निवारक और मूड लिफ्टर के रूप में भी कार्य करते हैं | वे तनाव को कम करते हैं और कल्याण की भावना को भी जगा देते हैं जिससे चिंता और उदासी कम हो जाती | इसलिए अपने दैनिक भोजन में काली मिर्च को शामिल करें और अपने अपने मूड को सुधारने के साथ साथ संज्ञानात्मक कार्य में भी सुधार लाएं |

  • दांत और मसूड़ों की समस्याओं का हल

जैसा कि हम सभी जानते ही हैं कि कालीमिर्च दर्द और सूजन को कम करने में काफी हद तक सहायक मानी जाती है और इसी के साथ साथ आप काली मिर्च का उपयोग नमक के साथ मसूड़ों में जलन में सूजन को ठीक करने के लिए भी कर सकते हैं | इसका इस्तेमाल मुंह की बदबू और मसूड़ों से खून आना जैसी मौखिक परेशानियों का समाधान करने के लिए भी किया जाता है |

  • दांत और मसूड़ों की समस्याओं से निजात पाने के लिए

आप एक काम करिए की पानी की कुछ बूंदों में नमक और काली मिर्च दोनों को बराबर मात्रा में मिलाकर इसे अपने मसूड़ों की मालिश कीजिए इसे भी आपको काफी आराम मिलेगा |

दांत के दर्द को कम करने के लिए लौंग के तेल में काली मिर्च का पाउडर एक चुटकी भर मिलाकर अपने प्रभाव क्षेत्र पर लगाएं इससे भी आपको शीघ्र ही आराम मिलना शुरू हो जाएगा |

  • काली मिर्च का फायदा दिमाग के लिए

हम सभी के लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि काली मिर्च आपके मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर बहुत अधिक प्रभाव डालती है | काली मिर्च में मौजूद पाइपरीन एक ऐसी अंजाम को रोकता है जो सेरोटिनिन यानी कि दिमाग को शांत रखने वाला रसायन को तोड़ देता है | यह अन जॉइन मेलाटोनिन नामक एक और हार्मोन के कार्य को भी कम करता है जो कि हमारी नींद को नियंत्रित करने में काफी हद तक मदद करता है |

 

पार्किंसस रोग में भी पाइपरीन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि यह कैसे अंजाम को रोकता है जो कि डोपामाइन जाने कि अच्छा महसूस करने वाला हार्मोन के उत्पादन में रुकावट डालता है | पार्किंससरोगियों में आमतौर पर डोपामाइन की कमी पाई जाती है और काली मिर्च का सेवन करने से आपको अच्छा महसूस होता है | क्योंकि यह काफी हद तक उसकी कमी को पूरा करता है | काली मिर्च अल्जाइमर रोग को भी रोक सकती है और इसके अलावा यह स्ट्रोक के लिए भी काफी हद तक लाभदायक मानी जाती है | हमारे एक भारतीय अध्ययन के अनुसार यह पाया गया है कि काली मिर्च में मौजूद पाइपरीन अमिलआईडल प्ले के गठन को कम कर सकता है और अल्जाइमर रोग को भी रोक सकता है इसलिए काली मिर्च को काफी हद तक इसमें फायदेमंद माना जाता है |

 

  • काली मिर्च खाने के अन्य फायदे

हमारे कुछ अध्ययनों के अनुसार यह पाया गया है कि काली मिर्च में मौजूद पाइपरीन जानवरों में ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है और मनुष्यों में भी इसी तरह के प्रभाव की उम्मीद से की जा सकती है | यह एक स्लोवाकियाई अध्ययन में कहा गया है कि पाइपरीन का सेवन करने से यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में करने के लिए काफी लाभकारी हो सकता है |

दक्षिण अफ्रीका में एक अध्ययन के अनुसार यह पाया गया है कि काली मिर्च में मौजूद पाइपरीन के लावाराईसाइट्सप्रभाव के कारण यह संक्रमण और बीमारी को फैलने से रोकने के लिए भी काफी मददगार माना जाता है |

काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण सूजन को कम करने के गुण भी पाए जाते हैं जो कि पेप्टिक अल्सर को ठीक करने में काफी हद तक मदद करते हैं |

हमारे कुछ अध्ययनों के अनुसार यह भी पाया गया है कि यदि हम काली मिर्च की भाप ले तो धूम्रपान के लक्षण कम हो जाते हैं क्योंकि यह धूम्रपान की लालसा को रोकने या फिर धूम्रपान को जुटाने में काफी हद तक मददगार होती है |

कुछ लोगों के चेहरे पर झुर्रियां रेखाएं और काफी तरह के दाग धब्बे होते हैं | इन सभी से बचने के लिए भी काली मिर्च के फायदे काफी असरदार होते हैं | हल्दी और शहद की बराबर मात्रा में और एक चम्मच काली मिर्च और पानी के साथ मिलाए और इस फेस मास्क को दिन में एक दो बार अपने चेहरे पर जरूर लगाएं इससे आपको काफी हद तक लाभ मिलेगा |

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तो दोस्तो आज हमने बात की है काली मिर्च के फायदे और आयुर्वेदिक गुणों के बारे में | यदि आपके पास इससे जुड़ी कोई भी जानकारी है या फिर आपके मन में से जुड़ा कोई भी सवाल है तो आप हमें टिप्पणी करके जरूर बता सकते हैं | यदि आपको हमारी पोस्ट पसंद आई हो तो कृपया इसे शेयर जरूर करें ताकि दूसरे भी इसका लाभ उठा सकें |

 

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